Wednesday, 5 July 2023

मातीचा सुगंध

.       *मातीचा सुगंध*

पाखरांची गाणी | तुकोबांची वाणी |
उन्ह, वारा रानी | सोबतीला ||

पेरणी घातीला | करावी तत्काळ |
नाही टाळाटाळ | करायाची ||

तीच भूमीमाय | सुगंध घामाचा |
आनंद कामाचा |  देई सदा ||

श्रावणी हिरवळ | फुलोऱ्याचा श्वास |
सणांची आरास | शीण जाई ||

विठूची आसक्ती | मायेची नजर |
वात्सल्या पाझर | रानोमाळ ||

धरित्रीच आम्हा | देई चारा, पाणी | जीवन कल्याणी | तिची आस ||

शेतातली फेरी | तीच असे वारी |
रोज येरझारी | चुको न दे ||

मातीत राबता | हातात भाकरी |
आईची चाकरी | धन्य जन्म ||
||

येणे सुखे बरे | जन्म चंदनाचा  |
झिजण्यासाठीच | पुन्हा व्हावा ||

             *© चंद्रकांत निकाडे*
           पोहाळे, पन्हाळा, कोल्हापूर.
                    9922314564

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